हम व्यापारी ब्यूरो
सहारनपुर। उ.प्र. उद्योग व्यापार मण्डल की जिला इकाई के प्रमुख पदाधिकारियों की स्थानीय रेलवे रोड पर सम्पन्न हुई विशेष बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जिस प्रकार उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के बारे में भ्रम व गलतफहमी फैलाकर लोग कानून का उल्लंघन कर हिंसक प्रदर्शन व तोड़फोड़ के साथ-साथ सार्वजनिक सम्पत्ति व दुकानों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी कर रहे है।यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस संशोधन पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने वालों की कड़ी निंदा की। क्योंकि इस आंदोलन के कारण जहां व्यापार और उद्योग को भारी क्षति हो रही है, वहीं आम जनमानस को बेहद असुविधा, स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को पढाई का नुकसान व इन सबसे बढकर आपसी एकता व सदभाव में आ रही कमी बेहद चिंता का विषय है। श्री टण्डन ने कहा कि नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 के बारे में कई तरह की चर्चाए की जा रही हैं, जबकि बहुत सारे लोगों ने उक्त अधिनियम को संभवतः पढ़ा भी नहीं है। इस संशोधन का उद्देश्य देश में किसी व्यक्ति की नागरिकता समाप्त करना नहीं अपितु बाहर से आने वाले प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है। नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार भारतीय नागरिकता को जन्म,वंश, पंजीकरण या प्राकृतिककरण/समीकरण के आधार पर प्राप्त किया जाता है। 1955 के अधिनियम की प्रक्रिया के लिए 14 वर्षों में कुल मिलाकर 11 वर्ष तक भारत वर्ष में आवास करने वाले व्यक्ति नागरिकता हेतु पात्र थे, किन्तु इस संशोधन के उपरान्त अफगानिस्तान, बांग्लादेश, और पाकिस्तान में धार्मिक अत्याचार से पीडित अल्पसंख्यक समुदाय तथा हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रवासियों को भारत की नागरिकता प्राप्त करने हेतु भारत मे 11 वर्ष बिताने की शर्त को घटाकर पांच वर्ष कर दिया है, किन्तु उक्त देशों के मुस्लिम नागरिक भी जो भारत में 11 वर्ष की अवधि से निवासित हैं, नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत प्रक्रिया में भारत के नागरिक बन सकते हैं। इस सम्बन्ध में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय मुसलमान या भारत का कोई भी नागरिक इस नागरिकता संशोधन अधिनियम से तनिक भी प्रभावित नहीं है, किन्तु कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा अनावश्यक रूप से अपने निहित उद्देश्य से भारतीय मुसलमानों को ऐसे बरगला रहे हैं. जैसे उनका हित प्रभावित किया गया हो। श्री टण्डन ने कहा कि जनपद सहारनपुर गंगा जमुनी तहजीब का एक शांत क्षेत्र है और यहां हिन्दू-मुस्लिम-सिख -इसाई व समाज के सभी वर्गों में परस्पर सदभाव सदैव से बना हुआ है। उन्होंने गत शुक्रवार को सहारनपुर में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा धारा-144 तोड़कर पूरे शहर में तथा घंटाघर पर प्रदर्शन करने को अनुचित ठहराते हुए पुलिस प्रशासन व शांतिप्रिय नागरिकों व प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधियों की सूझबूझ से कोई भी अप्रिय घटना न होने पर संतोष प्रकट कियाउन्होंने कहा कि व्यापार मण्डल एक सामाजिक संगठन के रूप में इस नागरिकता संशोधन अधिनियम के बारे में पूरे जनपद में लोगों के भ्रम दूर करने में पूरी तरह से इसके सदस्य व पदाधिकारी प्रयासरत हैं और सभी से आपसी सदभाव बनाये रखने की अपील की। श्री टण्डन ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात को शांतिपूर्वक रखने व विरोध करने का अधिकार है, परन्तु कानून का उल्लंघन करने का किसी को भी अधिकार नहीं दिया जा सकताबैठक में प्रम खा रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री संजय भसीन, जिला सान, जिला कोषाध्यक्ष अनिल गर्ग, मेजर एस.के. सुरी, रमेश अरोडा. रमेश डाबर संजीव सचदेवा, अशोक मलिक, पवन गोयल, मुरली खन्ना, रवि टण्डन, राजीव अग्रवाल, बलदेव राज खुंगर, विक्रम कपूर, अशोक चांदना, रमन दिया मलिक आदि व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।