सीएए के विरोध की आड़ में सत्ता के लिये देश तोड़ने की साजिश तथा मुसलमानो का कर रहे है इस्तेमाल


केन्द्र सरकार द्वारा जब से CAA लागू करने की घोषणा हुई है तब से इन विरोधी पार्टी नेताओं द्वारा खास कर कांग्रेस पार्टी द्वारा CAA का विरोध करने की आड़ में देश तोड़ने वाली ताकतो को अपना समर्थन देते दिखाई दे रहे है।


टीवी चैनलो पर एक से एक नये वीडियो वायरल हो रहे है जिसमें एक विडियो छोटी छोटी बच्चीयो का है जो अभी पाँच सात साल ही की होगी वो कह रही है कि हम मोदी को मार देंगे। हम अमित शाह को मार देंगे। हम CAA लागू नही होने देंगे हमे आजादी चाहिएउन्हे आजादी किस्से चाहिए। क्या भारत से क्या CAA से उन्हें कुछ पता नही कोई जवाब नही। बस उन्हे एक बात रटाई गई है कि CAA का विरोध करना है। यह हमारे खिलाफ है हम इसे लागू नहीं होने देंगे।


इस CAA के विरोध के नाम पर देश में जगह-जगह दंगे कराये गये-आग लगाई गई-सरकारी सम्पत्ति व प्राइवेट सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यह सब एक नियोजित यानी साजिश के तहत किया गया।


इस काम के लिये पी.एफ.आई नामक संस्था के द्वारा करीब 120 करोड़ रूपया की फन्डिग कराई गई। इसके लिये 73 खाते देश के अलग-अलग शहरो में खोले गये और उनमे जिस दिन पी.एफ.आई. के खाते से कैसा ट्रांसफर हुआ उससे अगले दिन ही उस शहर में दंगे हो गये। ये दंगे कांग्रेस पार्टी द्वारा तथा भारत विरोधी विदेशी सरकारो के द्वारा किया गया।


भारत में गद्दारो की कमी नही है एक ढूंढेंगे तो हजार मिलेगे। ये भारत के हिन्दु नेता जो सत्ता के लिये इन मुसलमानो के तलवे चाटने को आतुर रहते है इनके लिये सब कुछ करने को तैयार रहते है। आज ये मुसलमान नामक काला नाग फन फैलाकर अपनी आग से भारत की अस्मिता-अखण्डता-एकता को तार तार करने को बेताब है। लेकिन ये नेतागण अपनी सत्ता की भूख तथा मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी के विरोध के चलते सब कुछ दर्शक बनकर देख रहे है और इन्तजार कर रही है कि कब भारतीय जनता पार्टी तथा मोदी सरकार केन्द्र से हटे तो हम सब मिलकर देश को पहले की तरह से लूट खसोट सके और अपने तथा अपने परिवार को मालामाल कर सके। इतिहास गवाह है देश के इन गद्दारो के कारण ही भारत पर मुगल शासको ने तथा अग्रेजो ने शासन किया।


हिन्दु गद्दार है। हिन्दु स्वाथी है। हिन्दु अपने स्वार्थों के कारण कभी एक नही हो सका और ना ही कभी भविष्य में एक होने की आशा है। लेकिन मुसलमान सब एक है चाहे वो हिन्दुस्तान का हो चाहे पाकिस्तान का हो या बगंला देश का हो या अन्य किसी भी देश का हो सबका एक ही एजेन्डा है। गैर मुस्लिमो को खत्म करके अपनी इस्लाम की सत्ता कायम करना।


खासकर हिन्दु विरोध इनके D.N.A. में भरा हुआ है। जो मुसलमान सैकड़ो सालो से भारत में हिन्दुओ के साथ रहता आया है लेकिन कभी हिन्दु का सगा नही हुआ। जब मौका मिला तब ही हिन्दु को खत्म कर दिया।


जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय हो या जामिया मिलिया विश्वविद्यालय हो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी हो या कलकता की जादव यूनिवर्सिटी हो सब जगह ये देश के गद्दार बैठे है ये गद्दार देश को तोड़ने बांटने का काम कर रहे है।


अभी जेएनय के एक छात्र शरजील इमाम की विडियो टीवी पर चल रहा है जिसमें वो असम को भारत से अलग करने की बात कर रहा है अपने मुसलमान भाइयों को भड़का रहा है उनको कह रहा है कि तुम सब एक होकर मोदी सरकार भाजपा सरकार का विरोध करो ताकि हमारी बात को माना जा सके।


इसी प्रकार एक जेएनयू की छात्रा फातिमा भी एक विडियो में भड़काऊ भाषण दे रही है वो मोदी को अमित शाह को अपशब्द बोल रही है देश को बांटने की – देश को तोड़ने की बात कर रही है। इन छात्रो की यह शैली यह कार्य क्या देश विरोधी नही है यह तो देश के प्रति खुली बगावत है। ये तो देश की मोदी सरकार को अमित शाह को खुली चुनौती दे रहे है।


ऐसे गद्दारो की जगह जेल है। इन्हें तुरन्त गिरफ्तार करके सलाखो के पीछे डाल देना चाहिए।


जेएनयू छात्र शरजील इमाम पर तो पांच राज्यो में देशद्रोह का मुकदमा भी दायर हो चुका है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिये जगह-जगह छापेमारी कर रही है। इन्हे कैसी आजादी चाहिए इन्हे किससे आजादी चाहिए। ये कुछ भी बताने को तैयार नही है। ये तो बस एक बात की रट लगाये हुये है कि CAA को लागू नही होने देंगे।


इनको यदि देश से आजादी चाहिए तो इनको तुरन्त भारत छोड़ कर दूसरे मुल्को में जैसे पाकिस्तान बगंलादेश अफगानिस्तान तथा अन्य किसी देश में चला जाना चाहिए। जब ये वहां जायेगे तभी तो इनको पता चलेगा कि हम कहाँ पर सुरक्षित है। कहाँ पर खशहाल रहेगे।


यदि इनको अभिव्यक्ति की आजादी चाहिए वो ये अभिव्यक्ति की आजादी तो है जो आपको देश विरोधी देश को तोड़ने की देश को बांटने के भाषण देने की आजादी है। क्या अन्य किसी देश में इस प्रकार की आजादी मिलेगीशायद कभी नही। ये मुसलमान कोम कभी किसी देश के प्रति वफादार नही होती ये तो बस अपने कोम की अपने अल्लाह की ही वफादार होती है। बाकी कुछ नही।


यह मुसलमान कोम कभी भी शांति से नही रहती है। हमेशा लड़ाई झगड़ा कराने में करने में ही लगी रहती है। इनका डी.एन.ए में ही ऐसा लिखा है।


शाहीन बाग में पिछले 45 दिनो से चलने वाले धरना प्रदर्शन में इनको बस एक बात ही बतायी गई है समझाई गई है। कि बस CAA का विरोध करना है ये तुम्हारे खिलाफ है तुम्हे भारत से निकाल दिया जायेगा आदि। इस धरना प्रदर्शन में सब को पैसा दिया जा रहा है खाना दिया जा रहा है। इसमे इन्होंने अपनी औरतो को आगे कर दिया है तथा पुरूष पीछे खड़े रहते है ताकि यदि कोई पुलिस कार्यवाही हो तो ही हल्ला किया जा सके। यह धरना प्रदर्शन एक साजिश के तहत किया जा रहा है। क्या कांग्रेस की क्या केजरीवाल की इस धरना प्रदर्शन से दिल्ली की सत्ता मिल जायेगी क्या इनकी केन्द्र की सत्ता मिल जायेगी। शायद कभी नही। इन दोनो पार्टीयो का इस धरना प्रदर्शन को खुला समर्थन हैइस पर ये क्यो नही बोलते।


शाहीन बाग की तरह से दिल्ली में अन्य जगहो खासकर जाफराबाद-मुस्तफाबाद-सीलमपुर में भी यह धरना प्रदर्शन चल रहा है अब तो शास्त्री पार्क की लालबत्ती के पास भी पिछली 26 जनवरी से शाहीन बाग जैसा धरना प्रदर्शन शुरू हो चुका है इन धरना प्रदर्शन की कौन सी पार्टी कौन से नेतागण कौन से देश पैसा दे रहे है बिना पैसा दिये तो यह धरना प्रदर्शन चलने वाला नही है। महिला पुरुष अपना काम धन्धा छोड़कर घर का सारा काम छोड़कर अपने बच्चो के साथ इन धरना प्रदर्शन में बैठी है। इन्हे खाने का पीना का सब सामान पहुंचाया जा रहा है।


आखिर इन का उद्देश्य क्या है। क्या ये दिल्ली के देश के कांग्रेसी नेताओं की राजनीति का शिकार हो रहे है। यदि ये मुसलमान इस राजनीति का शिकार हो रहे है। यदि ये मुसलमान अपना ही नुकसान कर रहे है ये मुसलमान सारे देश में दुनिया में अपने आप को अपनी कोम को बदनाम कर रहे है। इन कारनामी के कारण देश का आम नागरिक दुनिया का हर नागरिक इनकी इन हरकतो के कारण भविष्य में विश्वास नहीं करेगा कि ये देश के प्रति तथा देश की अन्य कोम के प्रति वफादार होगे। जब मोदी तथा अमित शाह तथा केन्द्र के अनेको नेतागण। खासकर मुख्तार अब्बास नकवी आरिफ मौहम्मद खान-जिलानी जैसे मुसलमान नेताओं CAA को इनके खिलाफ नही बता रहे है तुम्हे इससे डरने की जरूरत नही इससे तुम्हारी नागरिकता नही जाने वाली फिर भी ये CAA का विरोध कर रहे है। तथा अमित शाह-नरेन्द्र मोदी का विरोध कर रहे है आखिर क्यो


इससे यही साबित होता हो कि यह सब ड्रामा राजनैतिक है। तथा पूरी प्लानिंग के साथ किया जा रहा है ताकि दिल्ली की सत्ता प्राप्त की जा सके।


यदि दिल्ली की जनता समझदार है इन सबको देखकर भी केजरीवाल को -कांग्रेस की सत्ता सोपती है तो इससे बड़ा बेवकूफ दुनिया में दूसरा कोई नही। यदि केजरीवाल को दोबारा सत्ता मिलती है तो दिल्ली का सत्यनाश होना तय है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में भारत में भी कश्मीर जैसे हालात हो जायेगेदेखना है अब कि अगामी 11 फरवरी को क्या होता है।